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Wednesday, February 23, 2022

How to take control the situations to take control on your life in 2022

 

"How to deal with your best destiny."

 

अगर आप यह 10 बातों को कंट्रोल करना सीख गए तो आप सब कुछ कर सकते हैं जो आप अपनी जिंदगी में करना चाहते हैं, वह बनी सकते हैं जो बनना चाहते हैं और वह पा सकते हैं जो पाना चाहते हैं।

और सफलतापूर्वक अपनी जिंदगी को नई दिशा दे पाएंगे । 

 

  1. बी सेल्फ लर्नर, आप स्वयं से ही सिखाना शुरू करें।
  2. अपनी मनोस्थिति के ऊपर काबू पाना सीखें।
  3. अपने दिमाग में चल रही बहानेबाजी की कहानियों का सामना करें।
  4. अपने प्रयत्नों से मिले रिजेक्शन का सामना करने की हिम्मत करें।
  5. जीवन में मिली असफलताओं का सामना करें।
  6. पैसों के संकट का सामना करें।
  7. अपने जीवन में संतोष का अर्थ ढूंढे।
  8. लोगों से व्यवहार करते समय अपने क्रोध के ऊपर काबू पाए।
  9. अपने डर का सामना करें।
  10. जब अपने पास कुछ भी ना हो तो भी दुनिया को श्रेष्ठ देने की हिम्मत करें।

 

   अगर यह 10 कदम आपने अपने जीवन में उठा लिए और उसका संयम पूर्वक सामना किया तो आप अपने जीवन की श्रेष्ठता को पाएंगे।


  तो पहला कदम है अपनी मनोस्थिति को वश में करके सही दिशा देना जिससे आप मनचाहा कार्य कर सके।

एक बार जब मैंने मेरे एक गुरुसे पूछा की सफल लोगों के सबसे बड़े हथियार क्या होते हैं?

तब उन्होंने बताया कि सफल लोगों के सबसे बड़े दो हथियार या ताकत होती है

1.    अपनी खुद की मनोस्थिति के ऊपर काबू पाना।

2.    लोगों को और उनके मनुष्य को अपने साथ जोड़ के रखना।


अपनी खुद की मनोस्थिति के ऊपर काबू पाना वह व्यक्ति की सबसे पहली जीत होती है। इसी संदर्भ में दो प्रकार के लोग आपके आसपास दिखाई देगे एक जो अपनी मनुष्य टी को कंट्रोल के ऊपर करता है और दूसरा जिन लोगों के ऊपर उनका मन का कंट्रोल हो चुका होता है।

   इसीलिए तो कहते हैं कि अगर आपने अपने मन के ऊपर कंट्रोल नहीं किया तो आपका मन आपके ऊपर कंट्रोल कर लेगा और आपकी जिंदगी को भी वश में कर देगा।

  प्राचीन आध्यात्मिकता और आधुनिक मनोविज्ञान की तकनीकों से आप अपने मन के ऊपर काबू पाना सीख सकते हैं।

अगर आप अपने इंद्रियों के ऊपर काबू पाना सीख ले और अपने ध्यान के ऊपर काबू पाना सीख ले यह पहला कदम है आपके मन क्यों पर काबू पाने का।

आपका ध्यान ही आपका दृष्टिकोण बनाता है।

आपकी बाहर की दुनिया कुछ भी नहीं आती भीतर की दुनिया का परिणाम मात्र है। आपकी बाहर की दुनिया वह आपके लोगों के प्रति भाषा के प्रति देश दुनिया समाज जीवन शैली धर्म वह सभी का बारे में आपका दृष्टिकोण ही आप की दुनिया बनाते है।

आपका दृष्टिकोण जो अनन्या है वही आपकी भीतर की मान्यता की प्रणाली बनाता है और आपकी प्रत्येक विचार और विचारों के ऊपर लिया हुआ कार्य और परिणाम है आपकी भीतरी मान्यताओं की प्रणाली का।

 

"इसीलिए कहा गया है कि व्यक्ति जो अपने आपको  वश कर सकता है वह पूरे ब्रह्मांड काबू में ले सकता है । "

 

आपकी मनोस्थिति  ही आपके हर एक कार्य को दिशा देती है।

हम कह सकते हैं कि आपकी भावनाएं आपकी मनुष्य बनाती है। जिसे हम मूड या फॉर्म भी कहते हैं। अपने जीवन की कि कोई भी परिस्थिति में आप अपने मनोस्थितिको काबू में पढ़ना सीख ले और एक विषय लीजिए कि चाहे कुछ भी हो जाए मेरी जिंदगी में मैंने लेता हूं कि मैं मनोस्थिति को हमेशा श्रेष्ठ और खुशनुमा हाल में ही रखूंगा। बस यह निर्णय को आपको बार-बार अपने मन में द्वार आते रहना है जब तक वह आपका स्वभाव ना बन जाए आदत न बन जाए ।

बस इसी तरह से आप अपने जीवन की कोई भी परिस्थिति के ऊपर कंट्रोल कर सकते हैं।

 

"आप अपनी बाहर की परिस्थिति को कभी नहीं बदल सकते किंतु आप उन परिस्थितियों के लिए अपनी मन की स्थिति को बदलेंगे तो परिस्थितियां अपने आप बदलना शुरू हो जाएगी!"

 

महान लोग किसी भी परिस्थिति में अपनी मनुष्य की को वश में लेने वाले कलाकार होते हैं उनकी यही क्षमता उनको बाकियों से अलग और ऊंचाइयों के ऊपर रख देती है।

 

 

दूसरा कदम है़़़ 

अपने आसपास के लोगों से आपका अंतर।

आपके सपने और आपके कार्य पूरे होने का प्रमाण इस बात के ऊपर है क्या क्यों लोगों के साथ रहते हो आपका किन लोगों के साथ उठना बैठना है आप अपने जीवन का सबसे ज्यादा समय व्यतीत किन लोगों के साथ करते हो वह बातें करती है कि आप अपने जीवन में सफल होंगे कि निष्फल हूं।

आपके जीवन की सफलता यानी श्रद्धा का पूरा आधार आपके आसपास के लोगों की वाणी, विचार ,व्यवहार ,बर्तन और उनकी मनोवृत्ति के ऊपर टिका है।

तो बड़ी गंभीरता से अपने मित्र सुने क्योंकि सभी आपके मित्र नहीं हो सकते, आप यह जान लीजिए क्या क्या कर सकते हो और क्या नहीं कर सकते हो उसका ले रहे आपके आसपास के लोग की विचारधारा से ही होता है। कुछ करने की आपकी क्षमता वाह सीधी निर्भर है क्या किन लोगों के साथ रहते हो और किन लोगों के साथ अपना सबसे ज्यादा समय व्यतीत करते हो। क्योंकि वही लोग आपकी मान्यताओं की प्रणाली को बनाते हैं और तोड़ते भी है। अब की मान्यताओं की प्रणाली उनकी बातें उनके अनुभव विचार व्यवहार और सुझावों से आकार लेती है।

 

" क्योंकि कोई भी चीज आप कर सकते हो या नहीं वह इस बात के ऊपर निर्भर करता है कि आप कितना दृढ़ विश्वास रखते हो।"

 

और साथ में आपके अपने आपसे जो अपेक्षाएं रखते हैं रखते हैं उसकी असर आपकी क्षमताओं के ऊपर सीधी पड़ती है। अगर आपके पास भी महान विचार है तो उसे आम लोगों के बीच में शेयर ना करें अन्यथा आप उस पर काम करने से पहले ही उसे छोड़ देंगे। जवाब के पास एक बड़ा सा सपना हो तो आप अपने ही अंतर्दृष्टि और क्षमता से उसके ऊपर कार्य करें।

क्योंकि आपका परिवार आपके मित्र आपके सभी स्नेही जन यह सभी लोग आपको अपने जीवन में रिस्क लेने से रोकते रहेंगे। हमेशा एक आम जिंदगी बना कर कंफर्ट जोन में जीने की आदत डालेंगे। वह आपको कभी भी संघर्ष में और मुसीबतों में जीते हुए देखना नहीं चाहते हैं इसीलिए वह आपको एक कंप्रोमाइज लाइफ के साथ स्थिर हो जाने को कहेंगे। वह अपने विचारों से आपको आत्म संतोषी बनाने में लग जाएंगे और जाने अनजाने में आपकी क्षमताओं को छोटा करते रहेंगे।

 

"आपके अपने आपको उसी लिए नहीं रुकते हैं कि वह आपसे प्यार नहीं करते हैं किंतु आपको सिर्फ इसीलिए रुकते हैं कि वह आपको बहुत बहुत ही प्यार करते हैं और आपको संघर्ष में जीते हुए देखना नहीं चाहते हैं।"

 

और एक वक्त तो हम हिंदी उन लोगों के साथ और परिस्थितियों से आधीन हो जाते हैं और अपने सपनों के साथ हालातों के साथ समझौता कर लेते हैं अपनी जिंदगी को अपनी जरूरतों को पूरा करने में उलझा देते हैं। और एक वक्त तो हमें पता ही नहीं चलता है कि कब हमने अपने सपनों के साथ कंप्रोमाइज कर लिया और एक आम और आसान जिंदगी जीना शुरु कर दिया।

 

"दुख इस बात का नहीं है कि आपने कोई कार्य करने की ठानी और उसमें आपने सफल हो गए दुख इस बात का है कि आप अपने सपने पूरे कर सकते थे पर यही अपनों के बीच रहकर आप ने प्रयत्न करना ही छोड़ दिया।"

 

क्योंकि लीडर लोग जानते हैं कि नेगेटिव पीपल के साथ कैसे डील करें, वह कभी अपने माइंड को पूअर माइंडसेट पीपल के साथ महकने नहीं देंगे। वह हमेशा अपने से ऊंची उर्जा वाले उनके सपने वाले और उनसे माइंडसेट वाले लोगों के साथ जुड़े रहने में मानते हैं। यही ऊंची विशेष विचारधारा वाले लोग खुद तो अपने सपनों को साकार करते हैं और आपको भी सफल होने और  विकास करने में मदद करते हैं। मैं आपको ऊर्जा देते हैं सोच कि नहीं दिशा देते हैं और लीडरों का माइंड सेट देते हैं।

 

"जैसे गुरु बिना ज्ञान नहीं वैसे ही ऊंची विचारधारा वाले लोगों के बगैर आप सपने पूरे नहीं कर पाएंगे।"

 

गुरु ही हमेशा आपको जीवन की सही राह बताते हैं और गुरु के बिना का जीवन सरवाइव तो कर सकता है किंतु आगे नहीं बढ़ सकता। तो आज से ही अपने आसपास पॉजिटिव और मोटिवेटेड लोगों को जुड़ने की कलाकारी सीख ले और साथ में नेगेटिव और पूर्व मेंटालिटी वाले लोगों को टालना सीख ले वही आप को प्रगति की ओर ले जाएंगे।

 

"हमारे जीवन की समस्या यह नहीं है कि हमारी जिंदगी में पर्याप्त पॉजिटिव और अच्छे लोग नहीं है किंतु हमारे जीवन की समस्या यह है कि हम हमेशा नेगेटिव लोगों के साथ गिरे रहते हैं जो हमें आगे बढ़ने से रोकते हैं"

 

इसीलिए तो कहते हैं कि आप अपने सपनों से 10 गुनी बड़े सपने वाले उद्देश्य वाले लोगों से मिलना जुलना रखी उनके साथ जुड़े रहिए उन लोगों के साथ अपना सबसे ज्यादा समय बिताए क्योंकि वह तो सफल होंगी परंतु अपने साथ-साथ आपको भी सफलता की ओर खींच कर ले जाएंगे।

"जैसा संग वैसा रंग"

 

अपने रोल मॉडल अपने खुद से ही चुनो और देखो उन्होंने अपने जीवन में कैसे मुसीबतों का सामना करके अपने सपनों के पीछे भागना नहीं छोड़ा तभी वह अपनी जिंदगी को महान बना पाए हैं।

 

तीसरा कदम है ़़

सामना करें आपके अंतर्मन में चलती हुई बहानेबाजी का जो आप अपने मन में हमेशा कहते रहते हैं।

 

ब्लेम गेम से बाहर आए।

अगर आप अपने आसपास के लोगों में अपनी उम्र के लोगों के साथ अपने आप को कंपेयर करेंगे तो आप उन परिस्थितियों को पाएंगे।

 

  1. कुछ लोगों के पास जीवन में आगे बढ़ने के लिए सभी आधिकारिक परिस्थिति है, अच्छा घर,अच्छा पैरंट सपोर्ट, पढ़ाई करने के लिए अच्छी फैसिलिटी, बिजनेस करने के लिए धन

मतलब की सभी सुविधाएं एक जो आम घीइंसान के नसीब में नहीं होती है किंतु वह सभी का उपयोग नहीं करते और कुछ भी नहीं करते हैं और अपना समय व्यतीत करते हैं क्योंकि उनकी जिंदगी में ना तो कोई दृष्टिकोण होता है ना कोई उत्साह होता है।

  1. कुछ लोगों के पास अपने अस्तित्व को ठिकाने के लिए भी पर्याप्त नहीं होता है, ना खाना ,ना पैसे ,ना शिक्षा नहीं तो अपनी फैमिली को संभालने के लिए पर्याप्त सुविधाएं, परंतु यह सभी विडंबना होने के बावजूद भी वे लोग इतिहास बनाते हैं , सफलता की कहानियां लिखते हैं और अपने सपनों को वास्तविकता में लाते हैं। बस सिर्फ उनके पास एक यही होता है और एक विजन होता है।
  2. और कुछ लोगों की जिंदगी में ना तो कोई सुविधाएं होती है ना तो अपनी जिंदगी का कोई मकसद होता है।
  3. बाकी लोग तो इन चीजों के बारे में पता भी नहीं होता या इन सब चीजों को जानने की कोशिश भी नहीं करते।

   अपने बचपन से ही आज तक हमसब का प्रोग्राम किया गया है और हमारे अंतर्मन में मान्यताओं के रूप में डाल दिया गया है कि हमारी जिंदगी में जो कुछ भी होता है उसके लिए कोई और जिम्मेदार है। इसीलिए पूरी जिंदगी हम लोगों के ऊपर दोस्त लगाते हुए जीते रहते हैं इसे ब्लेम गेम कहते हैं।

 

क्योंकि इसके कारण मैं यह नहीं कर पाया:

 

अगर आप सही में अपने मन की बहानेबाजी को ढूंढना चाहते हैं तो सही में आप अपने मन में यह सवाल पूछे की मैं अपने बीते समय में कुछ चीजों को क्यों नहीं कर पाया?

और फिर देखिए सामान्यतः आपका मन नहीं हो पाने के कारण ढूंढना शुरू कर देगा जैसे

     क्योंकि मैं बहुत गरीब हूं।

     क्योंकि मैं बहुत पढ़ा लिखा नहीं हूं।

     क्योंकि मैं अंग्रेजी अच्छी तरह बोल और समझ नहीं पाता हूं।

     क्योंकि मैं एक ग़रीब परिवार से आता हूं।

     क्योंकि वह काम करने के लिए बहुत छोटा था। क्योंकि शायद मैं वह काम करने के लिए मेरी उम्र निकल गई थी।

     मेरे परिवार के लोगों ने मुझे सपोर्ट नहीं किया

     क्योंकि मेरे पास पर्याप्त पैसे नहीं थे।

     क्योंकि मैं परिवार मे बहुत छोटा था तो निर्णय नहीं दे पाता था।

     क्योंकि परिवार में मैं सबसे बड़ा था और मेरे ऊपर बहुत जिम्मेदारियां थी।

     क्योंकि शायद मेरे नसीब में ही नहीं था।

 उसी तरह हजारों बहाने बाजिया और कहानियां हम अपने मन में बोलते ही रहते हैं और यही बहानेबाजी हमें हमारे भीतर लिमिटिंग बिलीफ सिस्टम खड़ी करते हैं।

यही लिमिटिंग बिलीफ सिस्टम हमें कोई भी कार्य लेने से मिलती है।

लोग मुख्यतः दो ही मान्यताओं की फ्रेम में जीते हैं एक ब्लेम फ्रेमिंग और दूसरा आउटकम फोकस्ड फ्रेम। 99% लोग सिर्फ ब्लेम फ्रेमिंग में ही जीते हैं। और मजे की बात तो यह है कि उस बात का उनको पता भी नहीं चलता है। यह यह ब्लेम फ्रेम से ध्यान बदलने के लिए सिर्फ एक निर्णय ही आपको नए आयाम की ओर ले जाएगा।

" मैं ही मेरे पूरे जीवन का भाग्य विधाता हूं मेरा जीवन सिर्फ और सिर्फ मेरे निर्णयों का परिणाम है जो मैं हर क्षण लेता हूं।"

तो आज से ही आप अपने मन में यह सोचना शुरू कर दीजिए कि मेरे जीवन में जो कुछ हो रहा है अच्छा या बुरा मैं उसकी जिम्मेदारी लेता हूं। बस यही निर्णय को आप अपने अंतर्मन में भीतर ही उतारते रहिए और अपने आप को इस बहाने बाजी के चंगुल से बाहर निकालिए। अपनी कहानियों का और बहनों का सामना करें जो आपको भीतर ही भीतर उलझन में फसाता रहता है।

 अपनी बहानेबाजी ओ का सामना करना वह आपकी तीसरी बड़ी जीत होती है।

 

चौथा कदम है अस्वीकार का सामना करना़ ।

 

उन लोगों का सामना करना सीखे जो आपके विचारो  और कार्य को अस्वीकार करते हैं।

"जीवन में 10% परिणाम आपके साथ क्या होता है उसके ऊपर निर्भर है परंतु 90% परिणाम आप चीजों को कैसे अपने भीतर लेते हैं उसके ऊपर निर्भर होता है।"

बहुत सारे लोग अपने जीवन में अपने विचार या अपने प्रयत्नों का अस्वीकार हो जाने के डर के कारण ही कोई भी कार्य की ओर कदम नहीं उठाते इसीलिए वह एक ऐसे योद्धा की तरह है जो लड़ने से पहले हारे हुए हैं।

"अगर कुछ नहीं करते हैं तो 100% हार है परंतु कुछ करते हैं तो जीत की गुंजाइश 50% भी हो सकती है।

आप अपने जीवन में लोगों से अपने कार्य और विचारों के प्रति ना सुनने की भी आदत डाल दे जरूरी नहीं कि सभी लोग आपको पहले दिन से ही स्वीकार कर ले और समर्थन दें।

 

" पहले लोग विरोध करेंगे फिर आपको बहुत करने से रोकेंगे, आप को अस्वीकार करेंगे परंतु अंत में आप से जुड़ जाएंगे।"-महात्मा गांधी

 

क्या आपका रिस्पॉन्स होना चाहिए अगर आपका कोई अच्छी कार करें या आप कभी ना सुने?

"जस्ट स्माइल एंड मूव ऑन"-कर्नल सैंडल्स, फाउंडर ऑफ केएफसी

 

अगर आपके विचार और कार्य को स्वीकार किया जाता है तो यह मत सोचिए कि वह आपका अपमान करते हैं बस यह सोचिए कि अभी उनकी सोच की वेवलेंथ आपकी सोच से नहीं मिल पा रही है। दुनिया के हर एक सफल व्यक्ति को अपने जीवन संघर्ष में अस्वीकार और इनकार का सामना करना पड़ा और पढ़ता रहेगा।

 

क्या आपके भीतर दुनिया ने फेंकी गई पत्थरों को इकट्ठा करके उसी पत्थरों से अपने सपनों का महल बनाने की हिम्मत है? अगर हां तो ही आप अपने जीवन में सफलता के हकदार हो।

 

"नो मीन्स नेक्स्ट अपॉर्चुनिटी"

लोग आपको ना नहीं करते हैं वह आपने आपके ऊपर रखे विश्वास को ही ना कहते हैं सफलता और ना सुनने का यह दौरमे ही आपकी आत्मा विश्वास की सही परीक्षा होती है।

 

20 अप्रैल में करते रहे और विजिलेंस करें आप अगली बार फेल नहीं होने वाले और सोचिए कि आप क्या करेंगे और कौन सा कदम उठाएंगे अगर आप सिर्फ शक्ल ही होने वाले हो ?

सफलता का मापदंड यह नहीं है कि आप कितनी ऊंचाई के ऊपर हो किंतु आप कितनी ऊंचाई से गिरकर वापस खड़े होकर प्रयास करने में लग गए हो।

आप की सबसे बड़ी समस्या यह है कि आपने अपने मन में ही निष्फल था का एक बड़ा सा चित्र खड़ा किया है जो आपको अगला कदम लेने से रोक रही है और जनाब का ध्यान सिर्फ उन बातों की बोली जा रही है जो काम में नहीं आती और काम की नहीं है।

"आप अपॉर्चुनिटी उसके समंदर में है और आपके पास और सभी रिसोर्सेज है जिससे आप मनचाही सफलता पा सके।"

यह विचार को आप अपनी मन की गहराइयोंमे उतारिए फिर देखिए आपका मन आपको वाहन रिसोर्सफुल स्टेट में से बाहर निकालेगा और एक्शन लेने पर मजबूर कर देगा । अपने जीवन की हर एक ओह शीट मोमेंट को वेल्डन और कैरी ऑन मोमेंट में बदलिए क्योंकि आपकी self-talk की आपका फोकस बदल सकती है। अपने आपको छोटी-छोटी सफलताओं के ऊपर शाबाशी दीजिए क्योंकि आपकी सेल्फ टोक ही आपका ध्यान उन बातों के ऊपर ले जाएगी जो चल रहा है और एक रिसोर्सफुल और सपोर्टिव माइंडसेट खड़ा करेगी।

"क्या लगता है कि कोई भी इन्वेंशन अपने पहले ही प्रयत्नों में सफल हो पाया था । कभी नहीं"

Keep trying and have courage of taking massive actions.

ना सुनने का डर है आपको आप जहां हो वहां बांधी रहेगा।हर इंसान को अपनी सफलता की कीमत चुकानी पड़ती है।

 

पांचवा कदम है अपने जीवन में आई निष्फलताओका सामना करना ।

आपकी सफलता का सबसे ज्यादा रोल बात के ऊपर होता है कि आप अपनी निष्फल ताऊ का का सामना कैसे करते हैं। अगर आप अपने जीवन में लगातार निष्फल होते हैं तब आप अपने आप से क्या बात करते हैं वह तय करता है कि आप आगे बढ़ेंगे या रुके रहेंगे।

"निष्फलता जैसी कोई चीज ही नहीं है या तो आप सफल होते हो या तो आप सीख लेते हो।"

जब आप प्रयास करते रहते हैं और आप अपने कार्य में असफल रहते हैं तब आपके भीतर एक उन्माद और एक ग्लानि, एक बेचैनी सी पैदा होती है जो आपको सक्सेस की ओर धक्का लगाने के लिए इंजन का काम करती है।

"सफल व्यक्ति व्यक्ति है जिसने निष्फल व्यक्ति से एक बार ज्यादा प्रयत्न किया होता है।"

 कोई भी सफल व्यक्ति की आप कहानी देख लीजिए उसने सबसे ज्यादा निष्फलता का सामना किया है उसने नहीं ऊंचाई हासिल की होती है। बस अड्डे रहना और अपने प्रयत्नों के ऊपर लगातार कोशिश करते रहना यही माइंडसेट सफल लोगों को आम इंसान से अलग करती है। जब आप मिस कॉल तारों का सामना कर रहे हो और सफलता की ओर आगे बढ़ रहे हो उस वक्त आप स्ट्रेस का तनाव का सामना करना पड़ेगा। तनाव का सामना करने की आदत डाल दे।

बस अपने आपको जोड़े रहना ही सबसे बड़ी चैलेंज है। कोई भी कंपनी को या व्यक्तिगत और को देख लीजिए सिर्फ नेवर गिव अप मेंटालिटी उनकी सफलता का सबसे बड़ा राज होता है। इसीलिए टिक जाना पर अटक मत जाना। निष्फलताओं का सामना करने के लिए आपको मानसिक रूप से सक्षम होना बहुत ही आवश्यक है जितने ही आप मेंटली स्ट्रांग रहेंगे उतने ही आप अपने प्रयत्न के प्रति समर्पित रहेंगे।

"Your frustration creates fuel for your success".  यही बेचैनी आपके मन में एक आक्रोश पैदा करेगी जिससे आपको सफलता की और धक्का लगेगा।

"रुक जाना नहीं तू कहीं हार के

कांटों पे चल के मिलेंगे साये बाहर के।"

सफलता वह आपकी निष्फलता की दूसरी ओर खड़ी हुई है। जितनी ही आप निकलता का सामना करेंगे इतनी ज्यादा आप सफलता के लिए हिम्मत पैदा करते रहेंगे।

आपका   छठवां कदम है अपने पैसों की कमी का सामना करना।

जी हां दोस्तों हम सभी ने अपने जीवन में कभी ना कभी पैसों की कमी का सामना किया ही होगा।

बिल गेट्स ने कहा है कि गरीब पैदा हुए हैं उसमें आपकी कोई गलती नहीं है किंतु अगर आप गरीब मर रहे हैं तो यकीनन आप की ही गलती रहेगी। सोचिए जब आपके पास पैसे नहीं होते हैं तो आप कितना तनाव और टेंशन महसूस करते हैं। पैसा ना तो आपके जीवन की समस्या है ना तो समाधान। ऐसा सिर्फ एक उर्जा है और हमें ऊर्जा को कंट्रोल करना सीखना पड़ेगा।

"Money is not the problem but your mindset about money is the biggest problem."

आपका पैसों के प्रति जो माइंडसेट है वही सबसे बड़ी समस्या है और उसी ने आप की वर्तमान स्थिति खडी की है। आपको अपने जीवन में दोनों परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा कि लोग आप से कैसा व्यवहार करेंगे कि जब आपके पास पैसे नहीं होते और जब आपके पास पैसे होते हैं। पैसा आपके और आपके दोस्तों के बीच की सोच की दीवार है।

"प्यारसे पेट नहीं भरता, पैसा ही जीवन में ऑक्सीजन के बाद सबसे बड़ी जरूरी चीज है।"

        आपके भीतर मन में पैसों से जुड़ी मान्यताओं को बदलिए यही मान्यताएं आपके पैसों को आप की ओर आकर्षित करेंगी। हमारे जीवन में सभी निर्णय हमारे मन और मान्यताओं के आगे होते हुए इंटरनल रिप्रेजेंटेशन से प्रभावित होते हैं। तो आज से ही अपने मन में पॉजिटिव ऑटो सजेशन और क्रिएटिव विजुलाइजेशन पैसों के बारे में नई मान्यता एक अदा करें जिससे आपका विश्वास का दायरा बढ़ेगा आप भी पैसे कमा सकते हैं और आप सही रूप से पैसे के धनी है।

 

"Attitude of gratitude"

आपके पास जो भी हो उसमें से आप लोगों को मदद करना शुरू करें इससे आपकी अपनी नजरों में करनी पड़ेगी और आप महसूस करना और इंटरप्रेट करना शुरू करेंगे कि आप भी लोगों की मदद कर सकते हैं और आपके पास भी पर्याप्त धन है। यही भावनाएं आपको समृद्धि की ओर जाने वाले सभी रास्तों को खोल देगी।

आप जो कुछ भी कमाते हो उसमें से टाइम पर्सन मनी सेवा कार्य और दान में दे दीजिए जिससे आपका अपने ऊपर विश्वास बढ़ेगा और जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई आपके मन में अंकित हो जाएगी।

 

 "Don't be rich only , Be wealthy."

 

 दुनिया में दो प्रकार के धनी लोग होते हैं एक जिसकी तिजोरी में बहुत सारा पैसा पड़ा रहता है और दूसरा जो बहुत सारे लोगों के दिल में रहता है, जब आप लोगों को हेल्प करते हैं तो आप अपने विश्वास का दायरा बढ़ाकर देते हैं जिससे पैसों को आप अपनी और आकर्षित कर सकते हैं।

एक बहुत अच्छे हिंदी मूवी में भी या विचार बताया गया था कि हर रोज 3 लोगों को मदद करो और उनको भी आगे तीन लोगों को मदद करने की दिशा दो। अपने आप को पूरी शिद्दत से लोगों को मदद करने में लगा दो क्योंकि ऐसा जो खर्च करते हैं वो कभी लौट के नहीं आता है परंतु अगर आप किसी की हेल्प करते हो तो वह आपको जरूर से ही वापस लौट के आती है।

पैसों के बारे में और अधिक और सटीक ज्ञान पाने के लिए "रिच डैड पुअर डैड" जरूर पढ़ें।

जीवन में बहुत सारी बातों को आप पूरी गंभीरता से लेते हैं और निर्णय लेते हैं तो उसी तरह पैसों को भी मैनेज करने की कलाकारी आपको सीखनी पड़ेगी ।

 

सबसे पहले निष्फलता का सामना  करने के लिए अपने मन में उठते आक्रोश और बेचैनी को बर्दाश्त करो और उसको ऊर्जा में रूपांतरित करके अपने लक्ष्य को पूरा करने में लगा दो।

दूसरी बात आपको किए हुए इंकार का सामना करो और अपने  प्रयत्न में तीव्र बने।

और तीसरी बात अपने पैसों की तनाव का सामना करें, क्योंकि बस यह टेंपरेरी है ।

दुनिया की हर एक सफल व्यक्ति की कहानी को उठाकर देख लो उन्होंने यह सभी दुखो का सामना किया है और उसे बर्दाश्त भी किया है।

 

आपका सातवा कदम है अपने जीवन का सही अर्थ ढूंढे।

 

दुनिया में ज्यादातर लोग इसलिए सफल नहीं है क्योंकि उनके जीवन में उनको सही में क्या चाहिए इस बात की क्लेरिटी नहीं होती है इसलिए वह लोग भटकाव की जिंदगी जी रहे होते हैं। वे लोग सफल दिखने में अपना पूरा समय ,शक्ति ,प्रयत्न खर्च करते हैं ना ही की सफल क स्पष्ट करें की आपको जीवन में चाहिए क्या ?

आप  कौन सी चीजों के लिए अपना पूरा जीवन दे रहे है ?

        इस दुनिया में तीन प्रकार के लोग हैं कुछ लोग सफल है किंतु अपनी सफलता से सुखी नहीं है, कुछ लोग सुखी तो है परंतु  दुनिया की नजर में इतने सफल नहीं है, तीसरे प्रकार के लोग जो सुखी भी है और सफल भी है और अपने जीवन में सुख और सफलता के बीच संतुलन बनाकर जी रहे हैं। सही में वही लोग "अल्टीमेट सक्सेस" पा रहे हैं।

       याद रखिए आप दुनिया की नजर में कितने भी सफल हो पर वह सफलता का अर्थ आपकी भीतर की दुनिया में अगर कुछ भी नहीं है तो आप अपनी दुनिया के सबसे निष्फल व्यक्ति है और इससे विपरीत भले ही आप बाहर की दुनिया में सफल ना हो परंतु आपने अपनी जीवन का उद्देश्य और अर्थ सार्थक कर लिया है और अपने कार्य से संतुष्ट और सुखी है तो आप से बड़ा सफल व्यक्ति कोई नहीं है।

 

"सफलता या सुख लोगों के नजरिए से नहीं किंतु आपके खुद के नजरिए से देखिए, उसका सही अर्थ ही आपको जीवन संतुष्टि की ओर ले जाएगा।"

 

   अगर यही बात है तो आप कितनी सफल हो या सुखी हो वह बात कौन तय करेगा। आप, सिर्फ आप।

अपने जीवन की सच्चाई को आप जितनी ही जल्दी पहचान लेंगे उतनी ही जल्दी आप पिक अर्थ पूर्ण जीवन जीना शुरु कर देंगे, तो आज से ही दूसरों की नजर में महान बनना बंद कर दीजिए, लोगों की नजर में सफल होना बंद कर दीजिए और अपने जीवन का सही उद्देश्य चुनकर अपने अर्थ में जीवन को सार्थक करें।

 

     जब तक आप दूसरों के नजरिए से आपको क्या नहीं मिल पाया और क्या खोया उसके ऊपर आपका ध्यान रहेगा तब तक और आपके पास क्या है उस पर ध्यान नहीं आएगा ,तब तक आप सुख और सफलता को पाने की एक भटकाव की जिंदगी जीते रहेंगे।

 

 " Find the difference between fulfillment and procrastination."

 

संतुष्टि का मतलब है क्या आपको स्पष्ट पता है कि आपको क्या चाहिए और आप उसे पा रहे हैं ।

किसी काम को टालने का मतलब है कि अभी तक आपको यह स्पष्ट नहीं है कि आपको जीवन में क्या चाहिए और क्यों चाहिए इसी कारण जीवन में उत्साह और उमंग की कमी हो गई है।

 

"आपको सही में पता नहीं कि आपके पास कितना समय शेष बचा है तो सख्त मेहनत कीजिए और समय को व्यतीत करना छोड़ दीजिए।"

-स्टीव जॉब्स

 

अपने जीवन के प्रवास का आनंद उठाएं क्योंकि वह बहुत ही महत्वपूर्ण है,आपने जो हासिल किया है उसका आप आनंद नहीं उठा पाते तो अब तक सही में आप सफल नहीं हुए हो। उस सफलता का कोई मतलब नहीं है जिसे आप इंजॉय ना कर पाए।

 

"Enjoying success is more important than success itself."

 

  अगर आप अपने से साधारण लोगों के साथ तुलना करेंगे तो आप अभी संतोष बन जाएंगे वैसे ही अगर आप अपने से असफल लोगों के साथ आपकी तुलना करेंगे आप हाथ मिलाने और लघुता ग्रंथी से पीड़ित हो जाएंगे। इसलिए अपना पूरा ध्यान अपने लक्ष्य और सपनों के ऊपर रखें हर व्यक्ति अपने समय पर अपनी गति से अपने जीवन में आगे बढ़ रहा है। तो आप अपनी तुलना किसी से ना करें क्योंकि आप एक अनन्य व्यक्ति है । आप जैसा व्यक्ति ना कि कोई हो चुका है और ना आने वाले समय में होने वाला है।

 

 "Winners always focus on their goals while losers always focus on winners".

 

सार्थक जीवन का आधार सार्थक दिन के ऊपर है, शाम होते ही अगर आपको कुछ नया करने का संतुष्ट और किसी के जीवन में बदलाव लाने का कारण न बने या कुछ नया सीखने का अनुभव ना हो तो आपका दिन निरर्थक होता है।

 

   सबसे ज्यादा सफल सबसे ज्यादा शक्तिशाली सबसे ज्यादा पैसे वाला सबसे ज्यादा सुंदर ऐसे सबसे ज्यादा की व्याख्या है कुछ नहीं कर पाएंगे अपने आपसे पूछो कि किस की तुलना में और कौन से क्षेत्र में सबसे ज्यादा? किस तरह आप खुद यह सबसे ज्यादा की तुलना वाली दौड़ में से बाहर आएंगे तो एक अल्टीमेट लाइफ जी पाएंगे। और फिर भी अगर तुलना करनी है तो अपने आप से किया करें की कल आप कहां थे और आज आप कहां है, अपने आप से ही बेहतर करने की दौड़ लगाएं।

 

   "Success is nothing but the competition between you versus you."

  Find your own truth.

 

आप का आठवां कदम है अपने गुस्से के ऊपर काबू पाना।

 

आपका गुस्सा सिर्फ आपकी मानसिक स्थिति है। मुझे गुस्सा अच्छा है या बुरा ?

जब मैंने यह सब कुछ पूछी तो मैंने कहा करना तो बहुत बुरा है गुस्सा बुरा है और और गुस्सा करने वाले लोग भी बुरे होते हैं। गुस्सा बुरा नहीं होता परंतु गुस्सा तो बहुत अच्छा होता है क्योंकि जब जब किसी को गुस्सा आया है तब तक इस दुनिया मे क्रांति आई है या बदलाव आया है। इसलिए गुस्सा बुरा नहीं है किंतु इतना करना कैसे करें और किसके ऊपर करें नहीं कर पाना यह बात बहुत बुरी है। गुस्सा तो एक पोटेंशियल पावर है उसे कैसे यूज़ करना वह हम पर निर्भर है,

गुस्सा सर्जन भी कर सकता है और विनती कर सकता है आपको ऊपर भी उठा सकता है आप को तोड़कर नीचे भी गिरा सकता है सिर्फ और सिर्फ आप उसका उपयोग कैसे करता है उस बात के ऊपर सब कुछ निर्भर है।

, अब यह ध्यान कीजिए कि गुस्से के कारण आपके लिए  6 क्षेत्र में अंदर नुकसान हुआ है।

 

  1. Physical
  2. Emotional
  3. Relational
  4. Business
  5. Health
  6. Social And Spiritual

 

What is your just a level please fill with hundred percent

1.     Physical damages

इसी के साथ मारामारी झगड़ा हो और आपको सारे भी नुकसान हो जाए।

2.    Emotional damages

  गुस्सा करने के बाद आप खुद ही स्ट्रेस में रहे और डिप्रेशन में एनजीटी के शिकार हो जाए आपका स्वभाव चिड़चिड़ा सा हो जाए यह भी एक टाइप का डैमेज ही है।

3.    Relational damages

आपसी रिश्तो में जब भी बढ़ जाए और बहुत सारी विवाद उत्पन्न हो जाए रिश्ते टूटने की कगार पर आ जाए, डिवोर्स ब्रेकअप का सामना करना पड़ा।

4.    Business damages

आपके क्लाइंट के साथ झगड़ा हो जाए लाइन कहीं चला जाए,, यह आपके ऑर्डर कैंसिल हो जाए और धीरे-धीरे बिजनेस लॉस बढ़ता जाए.।

5.    Health damages

और अगर आप अपने गुस्से को एक्सप्रेस नहीं कर पाया और मन में ही पर्ची रखी तो आपको हेल्थकेयर रिव्यूज होते हैं। एक्सप्रेसिव पर्सनालिटी को हाई बीपी का खतरा रहता है और सब जैसी पर्सनालिटी को हार्ट अटैक जैसी बीमारियो की नौबत आती है।

6.    Social and spiritual damages

आप के गुस्से वाले स्वभाव के कारण आपकी सामाजिक छवि खंडित होती है दोस्त और रिश्तेदार आप से दूरी बनाए रखने की सोचते हैं। जाने अनजाने में आपसे छुपाते रहते हैं। दीया और समाज से आप अपनापन होने की कगार पर आ जाते हैं।

     नीचे दिए गए मैप के अंदर 10 में से अपने आपको अंक दीजिए और आज भी अभी ही अपना हंगर प्वाइंट चेक कीजिए

टोटल पॉइंट 60

  1. 20 से 30
  2. 30 से 40
  3. 40 से उपर

30 से नीचे वह सामान्य है 40 से नीचे है तो अभी ध्यान रखने की जरूरत है किंतु 40 से ऊपर है तो यह खतरे की घंटी है।

अभी हमने आपको तो नियम बताऊंगा जो आपको गुस्से गुस्से को कंट्रोल करने की चाबी देगा।

  1. एक्शन और रिएक्शन
  2. एक्शन थिंकिंग और रिप्लाई

ज्यादातर अपने आसपास के लोग मैंने नियम भाई उपयोग करते हैं उनके साथ जो कुछ भी एक्शन होता है वह तुरंत हाउस का रिएक्शन कर देते हैं, और यार जंक्शन भी उनके भीतर छुपे हुए प्रोग्रामिंग का यानी कि बिल सिस्टम का ही नतीजा होता है और यह उनको पता भी नहीं होता। जन्म से लेकर आज तक उनके साथ जो कोई भी घटनाएं हुई उस वक्त उनके आसपास के लोगों ने जो रिप्लाई दिया उसकी इन प्रिंट उनके दिमाग में बैठ गई है, और जाने अनजाने में हो वैसे ही रिप्लाई देने की आदत हो गई।

     जिससे गुस्सा आए तो मारना।

     कोई आपकी बात ना समझे तो चिल्ला कर बोलना।

     आपकी बात समझाने के लिए किसी से झगड़ा करना।

     आपकी अपनों से रूठ जाना और बात करना बंद कर देना।

 

वैसे भी रिएक्शन आपके भीतर की प्रोग्रामिंग का ही परिणाम है।

 

       पहले नियम की एक्शन के सामने रिएक्शन ही लेंगे।

 

किंतु यह सोचिए कि कुदरत ने पूरी पृथ्वी के ऊपर जितने भी सजीव हैं उनमें से सिर्फ और सिर्फ इंसानों को सोचने की और निर्णय लेने की क्षमता दी है और यही क्षमता उसे बाकी सभी प्राणियों से अलग और ऊपर रखती है। तो इंसानों के लिए दूसरा नियम है

     एक्शन  - विचार और निर्णय -और अंत में रिप्लाई

 

जी हां दोस्तों एक्शन और रिप्लाई के बीच में यहां पर विचार कर निर्णय वह आपके हाथ में है। सबसे सही विचार करके निर्णय लेना आपको मनचाहा परिणाम दिलवा सकता है।

क्योंकि एक्शन आपके हाथ में नहीं है किंतु उसका रिप्लाई तो आपके ही हाथ में है, और यहां creed-miles यह है कि हम सब प्राणी नहीं है हम इंसान है जिसके पास सोचने की और निर्णय लेने की एक अद्भुत और महान क्षमता है।

"It's your decision to reply action is not in your hand but the reply is."

"Anger is like burning coal you get burnt first before you throw on others."

 

 

आपकी गुस्से की ट्रिगर्स कौन से हैं?

मुख्य कहा आप के गुस्से के तीन ट्रिगर्स होते हैं

 

  1. विजुअल ट्रिगर्स
  2. ऑडियो ट्रिगर्स
  3. और काइनेस्थेटिक ट्रिगर्स

 

कोई भी चीज को देखकर अगर आपको गुस्सा आता है वह आपके विजुअल ट्रिगर्स है बस गन की तरह जैसे ही बटन  दबाया और बुलेट निकलती ही अपना काम कर देती है वैसे ही यह आप के गुस्से को ट्रिगर करती है।

     इसी तरह ऑडियो ट्रिगर्स में जैसे ही आप किसी की कोई बात या कुछ शब्द सुनते हो और आपको गुस्सा आ जाता है। एक शब्द भी आप ही मनुष्य की को तहस-नहस करने के लिए काफी हो जाता है आज ही अपने ऑडियो ट्रिगर्स को पहचानिए।

और अंत मे काइनेस्थेटिक ट्रिगर कुछ स्पर्श या अनुभव करने पर आपके मन में गुस्से का बटन दब जाता है।

आप यह तीनों के गर्ल्स को डिफ्यूज करना सीख ले अपने मन में जलाई करें इन तीनों ट्रिगर्स के दबने बाद आप नॉर्मल है।

नीचे का डिक्लेरेशन आफ हर रोज मन में तीन बार पड़े

Now I decide not to get out of my control with this when ………

I see myself doing this and it's glad that I am in my control.

 

 

आप का नवां कदम हहै अपने डर के ऊपर काबू पाना.

हम जब छोटे थे और टीचर हमें जब क्लास में कोई सवाल पूछते थे कि तुरंत ही बहुत सारे लोगों के हाथ ऊपर हो जाते थे कुछ ऐसे भी लोग थे कि जिनको चीन के उत्तर कभी भी सही नहीं पढ़ते थे किंतु हाथ उठाने में वह पहले नंबर के थे और आप शायद आप कुछ सवालों के उत्तर आते होने के बावजूद भी आप उत्तर देने के लिए हाथ ऊपर नहीं कर पाते। और जब कोई उत्तर दे रहा हूं जो आप बोलना चाहते थे तो आपके मन में अफसोस होता था कि काश अगर मैं भी उत्तर बोल पाता। काश मैंने थोड़ी भी हिम्मत की होती।

काश मैं पहले कर पाता, अगर मैंने थोड़ी ही हिम्मत बताई होती तो शायद में आंसर दे पाता, तो आपके मन में विचार तो आया इस विचार के ऊपर कार्य लेते वक्त आपको रोक कौन रहा था?

वह क्या है जो आपको आपके विचारों के प्रति कार्य लेने पर रोक कर जा रहा है?

दुनिया में बहुत सारे ऐसे लोग भी हैं जिनको उस विषय का नॉलेज होने के बावजूद भी उसे अप्लाई नहीं कर पाते। कौन है जो आपको भीतर ही भीतर रोके रहा है?

डर जी हां आप का डर जो अंदर से ही आपको हर एक कार्य के लिए रुके रहा है।

यह डर आया कहां से?

     आपके खुद के अनुभव से मतलब बीते हुए समय की मिस करता उसे

     आपके माता-पिता द्वारा क्या हुआ प्रोग्रामिंग से मतलब उनके अनुभवों से

     अब की कोर ग्रुप में लोगों के द्वारा किया हुआ प्रोग्रामिंग से।

 उसी तरह आपके भीतर यह डर आपकी मान्यताओं के रूप में बैठ गया है जो आपको ऑटोपायलट मूड के ऊपर एक्शन लेने में लगा देता है। और आप परिस्थितियों से भागना और डालना शुरू कर देते हैं।

  "Killed fear before it kills you."

"Face the fear and fear will not face you again."

 

दुनिया में बहुत सारे डर और फोबिया होते हैं।

     जैसे अभी हमने देखा फीयर आफ रिजेक्शन

     लोगों का डर

     अपने अपमान होने का डर

     अपने निष्फलताओं का डर

     सामना करने का डर

     विचार बताने का डर

     लोगों के सामने बोलने का डर

     कार्य शुरू करने का डर

     ना सुनने का डर

     कुछ अजीब ना हो जाए इस बात का भी डर।

 ऐसे बहुत सारे डर हमारे भीतर छुपे हैं जो हमें आगे बढ़ने से रोक रहे हैं। दरअसल हमारी मन की दो बड़ी शक्तियां है एक कल्पना शक्ति और दूसरी याद शक्ति यह हमें जितना फायदा देखी है अगर इसका उपयोग करना नहीं आया तो वह हमें इतना ही नुकसान देती है।

   आपने अपनी याद शक्ति में अपने बीते हुए समय की बहुत सारी निष्फलता संग्रह करके बैठे हैं जो आपको डर पैदा करती है, ठीक उसी तरह भविष्य की मुसीबतों की आपने अपने मन में जो कल्पना खड़ी की है वही आपको रुके रही है। जब तक आप गाय या तो शक्तियों के ऊपर काबू नहीं होगा आपको मनचाहा परिणाम नहीं मिल पाएगा। आपके आत्मविश्वास का सबसे बड़ा दुश्मन कोई है तो वह है आपका डर।

आपका डर ही आपके आत्मविश्वास को दीमक की तरह धीरे-धीरे खत्म कर देता है। डर और आत्मविश्वास सिक्के के दो पहलू हैं जहां डर है वहां आत्म विश्वास नहीं है और जहां आत्मविश्वास है वहां डर कभी नहीं रह सकता।

"वह कहते हैं ना डर के आगे जीत है।"

तो आज से ही डर का सामना करना सीख लो।

नर्सरी लोगों को लगता है बस मारने वाले को पहले और जीतने वाले को बाद में।

जीतता वही है जो अपने मन में विश्वास टिकाए रखता है और हारता वही है जो अपने मन में डर को लगाए रखता है।

आज ही जीतने से पहले डर का सामना करना सीख लो

 

     स्वीकार करो कि आपको इन बातों से डर लगता है

     सामना करो पहले माइंड में और फिर उसे रियल लाइफ में

उसी तरह आप अपने जीवन में अपने कॉन्फिडेंट को बढ़ा सकते हैं।

 

 

 

आप का दसवां कदम है,

जब अपने पास कुछ भी ना हो तो भी दुनिया को श्रेष्ठ देने की हिम्मत करें।

 

जीवन की सबसे बड़ी खुशी है जब आप का जीवन किसी और के काम में आए, आप सबसे ज्यादा खुश तभी होते हैं जब आप किसी को उसके बुरे समय में कोई भी रुप में मदद करें। इस दुनिया में कोई भी व्यक्ति कुछ भी पाकर यहां नहीं हुआ है किंतु एक महान व्यक्ति श्री महान हुए हैं दुनिया को कुछ ना कुछ दिया है। किसी भी महान किसी को याद करें और सिर्फ एक ही शब्द में उन्होंने क्या किया है आपके सामने आ जाएग।

अगर आप कुछ जीवन में प्राप्त करनाचाहते हैं तो आज ही से ही लोगों को देना शुरू करें आप सभी आगे और ऊपर आ सकते हैं जब आप दूसरों को अपनी क्षमताओं से ज्यादा देंगे। अपने पास जो कुछ है वह दूसरों में बांटना शुरू करें सुख और समृद्धि के द्वारा आपके लिए मैं आप खुल जाएंगे।

भला वो कैसे संभव है कि आप दुनिया में से कुछ लेना चाहे और बदले में आप कुछ ना दे? वैसे ही सफलता तो मुमकिन ही नहीं, तो आज ही तय करें कि आप सही में दुनिया में क्या देकर जाना चाहते हैं और वही तय करेंगे आपकी जिंदगी का उद्देश्य, उसे पूरा करने में आप अपना पूरा जीवन व्यतीत कर दे फिर देखिए आप को महान बनने से कोई नहीं रोक सकता।

 

" आप आम लोगों की खास जरूरत ही पूरे करेंगे तो वह आपके सभी सपनों को पूरा कर देंगे। "

आप कहां हो ,जिस हाल में हो, जैसे हो और आपके पास जो कुछ है वहीं से ही देना शुरू करें।

   "The secret of living is giving"

                                 - Tony Robbins

  लोगों को दी पाने की क्षमता ही आपको और और समृद्ध बनाएगी ,सक्षम बनाएगी और सहनशील बनाएगी ।

और अगर आपके पास कुछ भी नहीं है देने के लिए फिर भी अगर देना ही है किसी को तो अपना वक्त दीजिए क्योंकि उसके बाद ना आप वापस छीन सकते हैं ना वह उसे वापस लौट आ सकता है और यही एक चीज है जो अनंत है, अविनाशी है। जो हमेशा जुड़ा रहता है।

जीवन में उन चीजों को इकट्ठा करें जो आपसे कोई छीन नहीं सकता या ना आप जमा सकते हैं वह है क्वालिटी टाइम।

अपने लोगों के साथ अपने दोस्तों के साथ अपने रिश्तेदारों के साथ एक क्वालिटी टाइम इन्वेस्ट करें जो आपके रिश्तो को और मजबूत बनाएंगे।

 

 

       अगर आपने यह 10 कमांड का कंट्रोल कर लिया और उससे सहन करना और डील करना सीख लिया तो आप अपने जीवन में सुख समृद्धि और उसके बीच में संतुलन जरूर आएंगे।

 

 

 

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